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जस्टिस काटजू ने पूछा- ‘क्या योगा से भूखे, कुपोषित, गरीब-बेरोजगारों को भी फायदा होगा!’ बाबा रामदेव बताएं

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आज 7वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रह चुके मार्कण्डेय काटजू ने योग दिवस को सिर्फ एक नौटंकी बताया है। उन्होंने कहा- जब भारत के 50% बच्चे कुपोषित हों, 50% महिलाएं एनीमिक हों, रिकॉर्ड बेरोजगारी-महंगाई हो तो इस परिस्थिति में योग दिवस मात्र नौटंकी।

इस परिस्थिति में लोगों को योग करने के लिए कहना इतना ही बेहूदा है, जितना कि क्वीन मैरी एंटोनेट ने रोटी के लिए तरस रहे लोगों को केक खाने के लिए कहा था। भारत में लोग योग नहीं बल्कि भोजन, नौकरी, आश्रय, उचित स्वास्थ्य देखभाल, अच्छी शिक्षा और अन्य आवश्यकताएं चाहते हैं।

उन्होंने कहा- मैं किसी दिवस के खिफाल नहीं हूँ, मैं जिस चीज के खिलाफ हूं, वह राजनीतिक एजेंडे के लिए जरूरतमंद का अपहरण करना।जस्टिस काटजू के इन तर्कों से बेशक आप इत्तेफाक रखते हैं या नहीं। लेकिन देश में कुपोषण की स्थिति के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। 2020 की वर्ल्ड भुखमरी सूचकांक रिपोर्ट इसका प्रमाण है। 107 देशों में किए गए अध्ययन पर भारत का 97वां स्थान है।

इससे भी परेशानी वाला ये तथ्य है कि भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका की हालत भी भारत से अच्छी है। इससे पहले 2019 में 102 और 2018 में 103वां स्थान था।जस्टिस काटजू के इन तर्कों से बेशक आप इत्तेफाक रखते हैं या नहीं। लेकिन देश में कुपोषण की स्थिति के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। 2020 की वर्ल्ड भुखमरी सूचकांक रिपोर्ट इसका प्रमाण है। 107 देशों में किए गए अध्ययन पर भारत का 97वां स्थान है।

इससे भी परेशानी वाला ये तथ्य है कि भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका की हालत भी भारत से अच्छी है। इससे पहले 2019 में 102 और 2018 में 103वां स्थान था। पहले के मुकाबले स्थिति थोड़ी बेहतर हुई है. लेकिन ये कोई उत्साहित होने वाली वृद्धी नहीं है। पहले के मुकाबले स्थिति थोड़ी बेहतर हुई है. लेकिन ये कोई उत्साहित होने वाली वृद्धी नहीं है।

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